खारी महर्षि परिवार की स्टेट खारी परिवार की अखिला शर्मा उर्फ बिन्नी के अनुसार उनका परिवार सूर्यध्वज ब्राह्मण परिवार है।इस गोत्र के ब्राह्मण मुंबई, कोटा,जयपुर, भारतपुर ,अलवर और दिल्ली आदि शहरों में बसतें हैं।अधिकतर ब्राह्मण पुजारी और वेदपाठी होतें हैं।दान दक्षिणा लेते हैं।सूर्यध्वज ब्राह्मण इनसे अलग हैं।इनके पास संपत्ति है।इन्हें इनके पिता कृष्ण महर्षि ने बताया कि जमीदारी के दस्तावेज उर्दू फारसी में तांबे के पत्र पर लिखे थे। ये जहांगीर के समय के बताए जातें हैं। किसी दूर के रिश्तेदार ने रूपयों के लालच में इन्हें बेच दिया। किस्सा है कि अकबर का काफिला इधर से गुजर रहा था। काफिले के साथ हमारे परिवार के पूर्वज और उनकी पत्नी भी थी। काफिले के साथ की महिला ने खारी के आसपास बच्चे को जन्म दिया।।इस पर प्रसन्न हो अकबर से 56 गांव का पूरा कस्बा उनके पूर्वज के नाम कर दिया1इस कस्बे को खारी नाम दिया।फारसी में जिस कपड़े या सूप में नवजात बच्चे को रखतें हैं,उसे खार कहते हैं। इसी खार से इस जगह का नाम खारी हुआ। खारी में इस परिवार क...
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